डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार का राष्ट्रीय सर्वे शुरू | बिहार से हुई शुरुआत, कार्यघंटे, तनाव और सुविधाओं पर डीएमए की बड़ी पहल

डीएमए इंडिया (DMA India) ने बिहार (Bihar) से डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार को लेकर राष्ट्रीय सर्वे शुरू किया। कार्यघंटे, तनाव, वेतन और सुविधाओं जैसे मुद्दों पर देशभर में अध्ययन होगा।

नई दिल्ली 

डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर अब एक बड़ा राष्ट्रीय स्तर का अध्ययन शुरू किया गया है। यह पहल डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA India) की ओर से बिहार से प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य देशभर में चिकित्सा पेशेवरों की कार्यस्थितियों का वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित आकलन करना है।

इस अभियान के तहत पहले चरण में बिहार के डॉक्टरों से डिजिटल और पूरी तरह गोपनीय (anonymous) सर्वे के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। संगठन का कहना है कि इस सर्वे के नतीजों के आधार पर एक विस्तृत राष्ट्रीय रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे आगे पूरे देश में लागू किए जाने की योजना है।

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किन बिंदुओं पर हो रहा है आकलन

सर्वे में डॉक्टरों की कार्यस्थितियों से जुड़े कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया है, जिनमें—

  • अस्पतालों और संस्थानों में नियमों का पालन
  • वेतन और स्टाइपेंड से जुड़ी समस्याएं
  • अत्यधिक कार्य घंटे और बढ़ता दबाव
  • मूलभूत सुविधाओं की कमी
  • काम और निजी जीवन का असंतुलन
  • मानसिक तनाव और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी चुनौतियां

बिहार से शुरू होकर पूरे देश तक विस्तार की योजना

इस सर्वे की रूपरेखा संगठन की रणनीतिक बैठकों के बाद तैयार की गई है। बिहार स्तर पर इसमें कई पदाधिकारी शामिल हैं, जबकि राष्ट्रीय टीम के मार्गदर्शन में इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। डीएमए नेतृत्व के अनुसार, इस पहल को जल्द ही हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जाएगा।

उद्देश्य क्या है?

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के लिए एक सुरक्षित, संतुलित और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों को बेहतर बनाया जा सके।

संगठनात्मक नेतृत्व और टीम

इस सर्वे की रूपरेखा संगठन के बिहार स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा तैयार की गई है, जिनमें शामिल हैं—
डॉ. अदिति सिंह (डीएमए बिहार अध्यक्ष),
डॉ. विश्वा प्रकाश (प्रदेश उपाध्यक्ष),
डॉ. रितेश श्रीवास्तव (प्रदेश महासचिव),
डॉ. आर्यन तिवारी (राज्य मीडिया प्रभारी) और समस्त बिहार डीएमए टीम।

राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान का संचालन डीएमए की केंद्रीय टीम के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं—
डॉ. अमित व्यास (राष्ट्रीय अध्यक्ष),
डॉ. भानु कुमार (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष),
डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी (राष्ट्रीय महासचिव),
डॉ. उज्ज्वल (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव) एवं अन्य कोर सदस्य।

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