प्रयागराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अध्यापकों से करवाए जा रहे गैर शैक्षणिक कार्यों को लेकर बड़ा फैसला दिया है। इससे UP के 5 लाख बेसिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा, उत्तर प्रदेश में टीचर्स अब गैर शैक्षणिक काम नहीं करेंगे। शिक्षकों से सिर्फ आपदा, जनगणना और सामान्य निर्वाचन के दौरान ही काम लिया जा सकता है।
याचिकाकर्ता चारु गौर और दो अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक चौधरी की पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम नियमावली के नियम 27 और न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुसार शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जा सकते हैं। आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश में टीचर बच्चों को पढ़ाने के अलावा अभी 13 तरह के काम करते हैं।
कोर्ट ने कहा है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न करवाया जाए। कोर्ट ने इस संबंध में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 नियमावली के नियम 27 व इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनीता शर्मा व अन्य की जनहित याचिका में पारित आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
UP में शिक्षकों को ये करने पड़ते हैं काम
- मतदाता सूची निर्माण व संशोधन प्रक्रिया
- बाल गणना करना
- मिशन प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम
- नवनिर्वाचित प्रधानों से समन्वय बनाकर कायाकल्प मिशन को गति देने काम
- एमडीएम यानी मिड-डे-मील के तहत खाते में फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करना
- मिड-डे मील के तहत राशन व खाद्य सामग्री एकत्र करना
- भोजन बनवाना
- राशन सार्वजनिक वितरण केंद्र पर खाद्यान्न वितरण
- विद्यालय परिसर का दुरुस्तीकरण की साफ-सफाई व बेहतर रख-रखाव
- टाइम एंड मोशन स्टडी के अनुसार नए पंजीकरण कराने पर जोर
- विद्यालय परिसर के विभिन्न अभिलेखों को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी
- डाटा फीडिंग का काम करना
- भवन निर्माण व देखरेख का काम
- प्रसार-प्रसार के लिए बच्चों को लेकर विभिन्न रैलियों में शामिल करवाना
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