कुल्लू
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कुल्लू (Kullu) जिले की धार्मिक नगरी मणिकर्ण (Manikaran) में नव संवत्सर के दिन प्रकृति ने भयावह रूप धारण कर लिया। रविवार शाम करीब 5 बजे एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने देखते ही देखते छह निर्दोष जिंदगियों को छीन लिया और पांच लोगों को घायल कर दिया। यह हादसा मणिकर्ण गुरुद्वारे के सामने हुआ, जब कई लोग सड़क किनारे बैठे थे। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा, उसके साथ एक विशालकाय पेड़ भी उखड़कर नीचे आ गिरा। इस आपदा की चपेट में आने से कई लोग दब गए, जिनमें से छह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि सड़क किनारे बैठे रेहड़ी संचालक, एक सूमो सवार और तीन पर्यटकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में रीना पुत्री हंस राजा (कुल्लू, हिमाचल प्रदेश), बरशीणी पुत्री रमेश (विजयनगर, बेंगलुरु), समीर गुरंग (नेपाली मूल) सहित दो अज्ञात महिलाएं और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
घायलों की सूची
रमेश बाबू (53 वर्ष) – पुत्र सुदर्शन, निवासी विजय नगर, बेंगलुरु
पल्लवी रमेश (49 वर्ष) – पत्नी रमेश बाबू, निवासी विजय नगर, बेंगलुरु
भार्गव – पुत्र रमेश बाबू, निवासी विजय नगर, बेंगलुरु
विक्रम आचार्य – पुत्र प्रवीर कुमार आचार्य, निवासी असम
टुम्पा आचार्य – पत्नी विक्रम आचार्य, निवासी असम
पारावी – पुत्री मधुसूदन, निवासी सेक्टर 14, हिसार, हरियाणा
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई और के दबे होने की आशंका
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन और राहत दल सक्रिय हो गए। कुल्लू के एडीएम अश्विनी कुमार ने बताया कि मणिकर्ण गुरुद्वारा पार्किंग के पास पेड़ उखड़ने और मलबा गिरने से यह भीषण दुर्घटना हुई। पुलिस की टीम SHO मणिकर्ण के नेतृत्व में मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य में जुटी है। क्षेत्रीय राजस्व एजेंसी भी स्थिति का आकलन कर रही है। जरी से फायर ब्रिगेड रवाना हो चुकी है, वहीं बीएमओ जरी डॉक्टरों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भूस्खलन के कारण पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा, जिसमें और लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है ताकि जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।
मणिकर्ण में पसरा मातम, पीड़ितों के परिजनों में कोहराम
यह हादसा न केवल कुल्लू बल्कि पूरे हिमाचल को शोक में डुबो गया। मणिकर्ण, जो अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, आज चीख-पुकार और आँसुओं में डूबा हुआ है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, उनके लिए यह दुख कभी न भरने वाला है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल है।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जताया शोक
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “यह हादसा अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। कई निर्दोष जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों। साथ ही, सरकार और स्थानीय प्रशासन से अनुरोध करता हूँ कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए।”
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