मोबाइल पर बैंक, लेकिन भरोसा अब भी कागज पर | सिर्फ इंक और पेपर पर बैंकों ने उड़ा दिए 4 हजार करोड़

डिजिटल बैंकिंग के दौर में भी भारतीय बैंकों ने FY2025 में प्रिंटिंग और स्टेशनरी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए। जानिए किस बैंक ने सबसे ज्यादा खर्च किया और क्यों अब भी कागज पर टिकी है बैंकिंग व्यवस्था।