यादें…

यादें बहुत खुबसूरत होती हैं
न लड़ती हैं न झगड़ती हैं

कैसे भुलाएं?

यथार्थ को छैनी से
स्वप्नों को काटा छाँटा

जीवन और प्रेम

प्रेम जीवन के दीपक का तेल है।
प्रेम एक मन से दूजे का मेल है।

इंसान तो जैसे मायावी हो गया

कैसे पहचानें किसी को,
एक चेहरे पर
ढेरों चेहरे चढ़ा कर

मनोभावों की अभिव्यक्ति है कविता

क्रोध, करूणा, दया, प्रेम, भक्ति, हास्य
सभी मनोभावों की अभिव्यक्ति है कविता ।
कार्य प्रवृत्ति हेतु प्रेरित कर

मनोभावों की अभिव्यक्ति है कविता

क्रोध, करूणा, दया, प्रेम, भक्ति, हास्य
सभी मनोभावों की अभिव्यक्ति है कविता ।
कार्य प्रवृत्ति हेतु प्रेरित कर

अंगड़ाता है बुढ़ापा यौवन की अर्थी पर…

झंझाओं का महानाद
कवलित काल
ऐसे न थमेगा

हो चुका है प्यार काफ़ी…

फेंक दो
अपनी पुरानी कल्पनाओं के कफ़न कवि!

हो चुका है प्यार काफ़ी…

फेंक दो
अपनी पुरानी कल्पनाओं के कफ़न कवि!

मैं था हवा खोर…

सफ़ेद धुला
मलमल का कुर्ता पहने
मैं टहल रहा था।