प्रेम, भक्ति और कला-संस्कृति की परम्पराओं से जोड़ता है उपन्यास ‘राग कसूमल’: प्रो आदित्य कुमार गुप्ता

‘राग कसूमल’ केवल एक ऐतिहासिक उपन्यास नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, संगीत, चित्रकला और राजस्थानी सांस्कृतिक विरासत का काव्यात्मक दस्तावेज़ है। प्रो. आदित्य कुमार गुप्ता की समीक्षा इस कृति के सौन्दर्य, कथानक और भाषागत विशेषताओं को विस्तार से रेखांकित करती है।