निर्मोही कौन?

पति की मृत्यु के बाद शोक में डूबी विभा को सांत्वना देने के बजाय एक कटाक्ष उसकी पीड़ा को और गहरा कर देता है। यह मार्मिक लघुकथा बताती है कि दुख की घड़ी में शब्द भी मरहम बन सकते हैं और घाव भी। अंत में कहानी पाठक से एक सवाल पूछती है—आखिर निर्मोही कौन है?

अपना हाथ जगन्नाथ …

दादा जी, आरव और अमायरा की प्रेरक लघुकथा ‘अपना हाथ जगन्नाथ’ बताती है कि शिकायत करने के बजाय स्वयं पहल करने से कैसे एक उजड़ा पार्क हरा-भरा बगीचा बन सकता है। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामूहिक प्रयास का सुंदर संदेश।