हाई कोर्ट ने सिविल अदालत के एक जज के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए 13 मई 2025 का फैसला रद्द किया। प्रॉपर्टी विवाद में किरायेदार को मालिकाना हक देने पर कोर्ट ने इसे ‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ बताया और प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की।
हाई कोर्ट ने सिविल अदालत के एक जज के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए 13 मई 2025 का फैसला रद्द किया। प्रॉपर्टी विवाद में किरायेदार को मालिकाना हक देने पर कोर्ट ने इसे ‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ बताया और प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की।