चेहरे …

यह लघु कहानी बताती है कि कैसे लोग प्रदूषण और ट्रैफिक पर चिंता जताते हैं, लेकिन अपने व्यवहार से उन्हीं समस्याओं को बढ़ावा भी देते हैं। समाज के दोहरे चेहरों पर तीखा व्यंग्य।

बिटिया की पाती पापा के नाम…

पापा,
आपने कहा था -तुम बड़ी हो गई…