प्रेम, भक्ति और कला-संस्कृति की परम्पराओं से जोड़ता है उपन्यास ‘राग कसूमल’: प्रो आदित्य कुमार गुप्ता

‘राग कसूमल’ केवल एक ऐतिहासिक उपन्यास नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, संगीत, चित्रकला और राजस्थानी सांस्कृतिक विरासत का काव्यात्मक दस्तावेज़ है। प्रो. आदित्य कुमार गुप्ता की समीक्षा इस कृति के सौन्दर्य, कथानक और भाषागत विशेषताओं को विस्तार से रेखांकित करती है।

‘सब के लिए खिलौने’

डॉ. अलका अग्रवाल (Dr. Alka Agarwal) की पुस्तक ‘सब के लिए खिलौने’ एक महत्वपूर्ण बाल नाटक संकलन है ,जो आधुनिक बच्चों की शैक्षणिक और नैतिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसके सभी नाटकों के प्रमुख पात्र

दाक्षायणी से दक्षिणामूर्ति प्रिया | अनुपम, अलौकिक एवं अद्भुत प्रणय गाथा

डॉ. डी. डी. गोयल कृत दाक्षायणी से दक्षिणामूर्ति प्रिया शिव-सती-पार्वती की अलौकिक प्रेमगाथा का भावसमृद्ध, सरस और साहित्यिक पुनर्पाठ है, जो श्रीरामचरितमानस (बालकाण्ड) के शिव-सती