बारिश से अपना लैपटॉप बचाने की चिंता में खड़ा एक कॉरपोरेट कर्मचारी, कुछ गरीब बच्चों की मासूम खुशियां देखकर अपने बचपन में लौट जाता है। डॉ. शिखा अग्रवाल की यह लघुकथा जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का बड़ा संदेश देती है।
बारिश से अपना लैपटॉप बचाने की चिंता में खड़ा एक कॉरपोरेट कर्मचारी, कुछ गरीब बच्चों की मासूम खुशियां देखकर अपने बचपन में लौट जाता है। डॉ. शिखा अग्रवाल की यह लघुकथा जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का बड़ा संदेश देती है।