जयपुर
REET का पेपर जयपुर से शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से लीक हुआ था। यह खुलासा बुधवार को SOG ने किया है और बताया कि पेपर लीक के मास्टर माइंड भजनलाल से पूछताछ के बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक इस मामले में 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब SOG इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शीसखा संकुल के स्ट्रांग रूम का वह किरदार कौनसा है जिसने सबसे पहले पेपर को लीक किया। जानकारी में आया है कि इस मामले में आरोपी की और से करीब सवा करोड़ में सौदा किया गया था।
एडीजी एसओजी अशोक राठौड़ ने बताया कि एसओजी ने भजनलाल से पूछताछ के बाद उदाराम बिश्नोई पुत्र जगराम निवासी रणोदर, चितलवाना जालौर व रामकृपाल मीणा पुत्र नोनदराम निवासी जग्गन्नाथपुरी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि भजनलाल को उदाराम ने रीट का पेपर दिया था। यह दोनों जालोर में एक ही गांव के हैं। भजनलाल ने पेपर मिलने के बाद कई लोगों को बांट दिया।
एसओजी को पूछताछ में पता लगा कि उदाराम को राम कृपाल मीणा ने जयपुर में पेपर दिया था। परीक्षा से पहले रीट पेपर जयपुर में शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा हुआ था। वहां से पेपर को लीक कर राम कृपाल मीणा ने लिया था। रामकृपाल मीणा जयपुर में शिवशक्ति पब्लिक स्कूल चलाता है। अब एसओजी स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर देने वाले के बारे में पूछताछ कर रही है।
एसओजी की गिरफ्त में आए राम कृपाल मीणा ने ही शिक्षा संकुल स्थित पेपर संग्रहण केंद्र से परीक्षा से पहले 25 सितंबर 2021 को पेपर निकालकर उदाराम बिश्नोई को दिया था। इसके बदले उदाराम बिश्नोई की ओर से एक करोड़ 22 लाख रुपए देने की जानकारी सामने आई है। आरोपी उदाराम बिश्नोई ने यह पेपर भजनलाल बिश्नोई को मुहैया करवाया था।
एसओजी की टीम अब तक पृथ्वीलाल मीना, बत्तीलाल मीना, दिलखुश, हैडकांस्टेबल यदुवीर सिंह, कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह, दिगम्बर सिंह, परमवीर सिंह, सीमा, लक्ष्मी, ऊषा, मनीषा, आशीष, सहित 35 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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