फ्यूचर पॉइंट इंस्टीट्यूट, जयंती नगर भरतपुर पर तुलसी पूजन दिवस के महत्व पर जागरूकता अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत
RPSC Paper Leak: सरकारी स्कूल का वाइस प्रिंसिपल निकला मास्टरमाइंड, हिरासत में लिए पचास | 29 जनवरी को फिर होगी परीक्षा
राजस्थान लोक सेवा आयोग की द्वितीय श्रेणी शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा 2022 में जीके पेपर लीक का मास्टरमाइंड एक सरकारी स्कूल का वाइस प्रिंसिपल निकला है। उसका एक साथी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में कोर्ट का बड़ा आदेश, हिंदू सेना की याचिका पर आया ये फैसला
मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद के मामले को लेकर हिंदू सेना की याचिका पर जिला कोर्ट का शनिवार को बड़ा फैसला आया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि
RPSC का सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती का पेपर लीक, परीक्षा रद्द | बस में ही सॉल्व कर रहे थे छात्र, 10-10 लाख में हुआ सौदा, कलंक का बना रिकॉर्ड
सरकार की ओर से तमाम दावों और सख्ती का धज्जियां उड़ाते हुए राजस्थान में एक बार फिर एक और प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इससे प्रदेश में
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को बताई भरतपुर की समस्याएं और दिए सुझाव
भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर भरतपुर जिले के समग्र विकास को
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को बताई भरतपुर की समस्याएं और दिए सुझाव
भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर भरतपुर जिले के समग्र विकास को
PNB में 1.22 करोड़ का गबन, मैनेजर गिरफ्तार, ऐसे दिया धोखाधड़ी को अंजाम
करौली जिले में तैनात रहे PNB के एक मैनेजर को 1.22 करोड़ के गबन के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ 13 जुलाई 2021 को
जमीन के सीमांकन की एवज में पटवारी ने मांगा एक लाख कैश, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
एक पटवारी ने जमीन के सीमांकन के एवज में परिवादी से घूस मांग ली। परिवादी की शिकायत पर ACB ने जाल बिछाया जिसमें
जमीन के सीमांकन की एवज में पटवारी ने मांगा एक लाख कैश, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
एक पटवारी ने जमीन के सीमांकन के एवज में परिवादी से घूस मांग ली। परिवादी की शिकायत पर ACB ने जाल बिछाया जिसमें
बैंक के 4,037 करोड़ डकार गए कम्पनी और उसके निदेशक, CBI ने दर्ज की FIR, देशभर में पड़े छापे
‘कॉर्पोरेट पावर लिमिटेड’ नामक कंपनी और उसके निदेशक बैंकों से लिए 4,037 करोड़ रुपए डकार गए। कंपनी ने 2009 से 2013 के बीच हेरफेर करके परियोजना लागत संबंधी कागज जमा किए थे और बैंक से धन प्राप्त किया था। इस मामले को लेकर सीबीआई ने
