भारत (Bharat) के एक पड़ोसी देश का पश्चिमी हिस्सा विद्रोह की लपटों में जल रहा है, और यहां एक नए राष्ट्र का जन्म किसी भी समय हो
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मां शबरी राजकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने किया योगाभ्यास और श्रमदान
मां शबरी राजकीय कन्या महाविद्यालय गणगौरी बाजार जयपुर में चल रहे NSS के सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस का प्रारंभ छात्राओं द्वारा योगाभ्यास से हुआ, जिसमें छात्राओं ने NSS प्रभारी श्रीमती रेखा देवी
पानी और रोजगार के लिए अघापुर में जुटे किसान, ईआरसीपी-पीकेसी योजना को तेज करने की मांग
पानी और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भरतपुर के समीपवर्ती ग्राम अघापुर के मंदिर में रविवार को किसानों की एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया। सभा में कई
भरतपुर: गुणानुवाद सभा में दिवंगत श्री मुक्ति प्रभा श्री जी को दी भावांजलि
श्री सुपार्श्वनाथ जिनकुशलसूरि जैन खरतरगच्छ दादावाड़ी, रणजीत नगर, भरतपुर में परम पूज्य प्रवर्तनी जैन कोकिला विचक्षण श्रीजी महाराज साहब की सुशिष्या एवं शतावधनी श्री मनोहर श्रीजी महाराज साहब के चरण श्रुत
कर्मचारियों के खिलाफ CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, राज्य सरकारों का हस्तक्षेप खत्म
सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई की जांच को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जस्टिस सी.टी. रविकुमार और राजेश बिंदल की पीठ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य केंद्रीय कानूनों के तहत
मां शबरी राजकीय कन्या महाविद्यालय के NSS शिविर में दूसरे दिन हुई ये गतिविधियां
जयपुर के मां शबरी राजकीय कन्या महाविद्यालय (maa shabri government girls college) में NSS के सात दिवासीय विशेष शिविर के दूसरे दिन शनिवार को छात्राओं द्वारा योगाभ्यास किया गया जिसमें छात्राओं ने
दौसा के रामचन्द्र मदिर में पौषबड़ा आयोजित
दौसा के बारादरी स्थित रामचंद्र जी के मंदिर में पौषबड़ा का आयोजन
किसानों की आवाज़ बुलंद करने को तैयार हलैना, पानी और रोजगार पर होगी चर्चा | सत्यपाल मलिक करेंगे शिरकत
सिंचाई के पानी का इंतजाम, बाणगंगा नदी को गम्भीर से जोड़ने, पाँचना के पानी के बँटवारे और नौजवानों के रोजगार की समस्याओं को लेकर हलैना कस्बे में किसान सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए
राजस्थान में बच्चों की सुरक्षा पर संकट, बाल संरक्षण आयोग और किशोर न्याय बोर्ड में पद खाली | राजस्थान की शर्मनाक सच्चाई, कब जागेगी सरकार
राजस्थान बाल संरक्षण आयोग (Rajasthan Child Protection Commission), जो बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का सबसे अहम निकाय है, बीते 12-13 महीनों से बिना अध्यक्ष के कार्य कर रहा है। यह स्थिति तब है जब बाल
