नई दिल्ली
बैंकों के निजीकरण को लेकर अब नीति आयोग ने अपनी एक सूची CCD यानी Core Group of Secretaries on Divestment को सौंप दी है। नीति आयोग को ही यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह यह बताए कि किन-किन बैंकों का निजीकरण किया जा सकता है। अब नीति आयोग ने अपनी सूची में ये सब जानकारी CCD को सौंपी सूची में दे दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार PSU बैंक निजीकरण पर जल्दी ही अंतिम फैसला लेगी। जिन बैंकों का अभी हाल ही में मर्जर किया गया वो निजीकरण की सूची से बाहर रह सकते हैं।
अभी सूची में शामिल बैंकों के नाम सामने नहीं आए हैं। पर सरकार जल्दी ही इस बारे में आधिकारिक घोषणा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार इस लिस्ट में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं। इसके आलावा कुछ और बैंक शामिल होंगे। पर अधिकृत सूची के लिए अभी सरकार की घोषणा का इंतजार करना होगा। सूत्रों के अनुसार सरकार इस दिशा में जोरशोर से कम कर रही है। साथ में केंद्र सरकार देश के पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में से हर एक क्षेत्र में ऐसी लीड बैंक की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है जो अपने -अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करें। सरकार की कोशिश है एक बड़ी बैंक की छत्रछाया में छोटे-छोटे बैंक शामिल हों।
बैंक कर्मचारियों के हित नहीं होंगे प्रभावित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन बैंकों का निजीकरण किया जाएगा, उनके कर्मचारियों के हितों का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाएगा। उनके वेतन या स्केल अथवा पेंशन समेत सभी चीजों को ध्यान में रखा जाएगा। आपको बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी का निजीकरण किया जाना शामिल है।
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