नई दिल्ली
तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। आज उनके अंतिम दर्शनों के लिए दिल्ली में तिरंगा लिए हजारों लोग सड़क पर निकल पड़े और अपनी भीगी पलकों से देश के इस लाल को अंतिम विदाई दी। इसके साथ ही सीडीएस बिपिन रावत समेत तमिलनाडु हेलिकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले सभी 13 लोगों को आज अंतिम विदाई दी गई। CDS रावत की दोनों बेटियों ने पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया। बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी. CDS को 17 तोपों की सलामी दी गई. इस दौरान 800 जवान यहां मौजूद रहे।
बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका की पार्थिव देह को एक ही चिता पर अंतिम विदाई दी गई। दोनों बेटियों कीर्तिका और तारिणी ने एकसाथ उन्हें मुखाग्नि दी। जीवन यात्रा की तरह जनरल रावत की अंतिम यात्रा भी अभूतपूर्व रही। जिस पत्नी के साथ अग्नि के सात फेरे लिए थे, मुखाग्नि तक उसके साथ रहे।
आंखें नम थीं, लेकिन वीरता का गर्व भी था और उसके सम्मान में पुष्पवर्षा करते रहे। मां भारती के वीर सपूत के लिए नारे लगाते रहे। सीडीएस रावत और उनकी पत्नी को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने रुढ़ियों को तोड़ते हुए मुखाग्नि दी। यही नहीं जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के शव भी एक साथ ही चिता पर रखे गए थे।
अंतिम यात्रा के दौरान जबरदस्त भीड़ उमड़ी। पूरे रास्ते पर लोगों ने फूल बरसाए और शव वाहन के साथ-साथ तिरंगा लेकर दौड़े। नारे लगाते रहे- जनरल बिपिन रावत अमर रहें। अंतिम संस्कार के दौरान भी आर्मी कैंट भारत माता की जय के नारों से गूंजता रहा।
शाह और डोभाल श्रद्धांजलि देने घर पहुंचे
इससे पहले जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास पर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य जनरल रावत को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
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