भरतपुर के डीग में दहला देने वाली वारदात: ननिहाल आए 13 साल के जुड़वा भाइयों की गला रेतकर निर्मम हत्या, गांव में सनसनी

राजस्थान के भरतपुर के डीग जिले में ननिहाल आए 13 साल के जुड़वा भाइयों की गला रेतकर निर्मम हत्या से सनसनी। पुलिस जांच और FSL टीम मौके पर। पढ़ें पूरी खबर।

डीग: राजस्थान के भरतपुर संभाग अंतर्गत डीग जिले के जनूथर थाना क्षेत्र के बड़ेसरा गांव में मंगलवार को एक ऐसी वीभत्स घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर प्रदेश के हाथरस से अपने ननिहाल में रह रहे 13 साल के जुड़वा भाइयों—विनय चौधरी और विष्णु चौधरी—की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई। सुबह सवेरे घर से निकले इन दोनों मासूमों के खून से लथपथ शव जब ज्वार-बाजरे की पुंज (ढेर) के पास मिले, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। घटना की क्रूरता इतनी अधिक थी कि मृतकों के शरीर पर गहरे कट और अनगिनत चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि हत्यारों ने बेहद शातिर और खौफनाक तरीके से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है।

सुबह 6 बजे निकले थे बच्चे, कुछ ही घंटों में बिखर गईं सांसें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों जुड़वा बच्चे अपने पिता निरंजन सिंह (निवासी सारोथ मानसा, हाथरस, यूपी) के निधन के बाद से अपनी मां प्रीति के साथ बड़ेसरा गांव में अपने नाना घनश्याम चौधरी के घर पर ही रह रहे थे। बच्चों की मामी अनीता ने बताया कि दोनों भाई रोज की तरह मंगलवार सुबह करीब 6 बजे घर से बाहर निकले थे।

जब वे काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार के सदस्यों की धड़कनें तेज होने लगीं। परिजनों ने जब उनकी तलाश शुरू की, तो घर के पास ही स्थित एक खाली प्लॉट में ज्वार-बाजरे की पुंज के पास दोनों के शव पड़े मिले। दृश्य इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप उठी। घटनास्थल पर फैला खून और बच्चों के शरीर पर संघर्ष के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उन्होंने अपनी जान बचाने की भरपूर कोशिश की होगी।

पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर, डॉग स्क्वॉयड और FSL की मदद से साक्ष्य जुटाए

घटना की सूचना मिलते ही जनूथर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। मामले की भीष्मता को देखते हुए डीग पुलिस अधीक्षक (SP) शरण कांबले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अकलेश शर्मा भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

 पुलिस ने बिना देर किए एफएसएल (FSL) टीम को मौके पर बुलाया। वहीं, शवों को हटाने से पहले आक्रोशित और सहमे ग्रामीणों ने डॉग स्क्वॉयड की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने श्वेत दस्ते (डॉग स्क्वॉयड) की मदद से साक्ष्यों की तलाश शुरू की।

  • एक संदिग्ध हिरासत में: पुलिस महकमे के मुताबिक, इस अंधेकत्ल के खुलासे के लिए पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि वे मामले की तह तक पहुंच चुके हैं और जल्द ही इस खौफनाक वारदात से पर्दा उठाया जाएगा।

अनसुलझे सवाल: रंजिश, पारिवारिक विवाद या कोई गहरी साजिश?

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक मासूम बच्चों से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है? प्रारंभिक तौर पर पुलिस हर संभावित एंगल—चाहे वह कोई पुरानी पारिवारिक रंजिश हो, जमीन-जायदाद का विवाद हो या कोई अन्य व्यक्तिगत दुश्मनी—को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और कारणों पर से पर्दा उठेगा। हालांकि, इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराध के ग्राफ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मातम में डूबा बड़ेसरा गांव, पुलिस छावनी में बदला इलाका

इस निर्मम दोहरे हत्याकांड के बाद से बड़ेसरा गांव में चूल्हे नहीं जले हैं। मां प्रीति और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में किसी अनहोनी या तनाव की आशंका को देखते हुए एहतियातन भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है।

हाथरस से उजड़कर ननिहाल में अपनी मां के साथ सुरक्षित जीवन की उम्मीद लगाए बैठे दो मासूम भाइयों की इस तरह हुई अंत्येष्टिनुमा हत्या ने पूरे समाज को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। अब निगाहें पुलिस की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं जो इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि आखिर इन दोनों मासूमों की जिंदगी का अंत किसने और क्यों किया।

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