भरतपुर के उच्चैन राजकीय कन्या महाविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू। महिला कांस्टेबल महादेवी और चंचल सात कार्य दिवस तक छात्राओं को देंगी प्रशिक्षण।
उच्चैन (भरतपुर)। मुश्किल वक्त में खुद को असहाय महसूस करने के बजाय उसका मुकाबला कैसे करना है, अब उच्चैन की छात्राएं इसके गुर सीखेंगी। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उच्चैन में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहले ही दिन सैकड़ों छात्राओं ने प्रशिक्षण में उत्साह के साथ भाग लिया। सात कार्य दिवस तक चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों के साथ अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के लिए उपलब्ध साधनों की जानकारी भी दी जाएगी।
राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रीता शुक्ला ने किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास और स्वाभिमान की भावना मजबूत करना है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में वे घबराने के बजाय सूझबूझ से काम ले सकें।
आत्मरक्षा के साथ कानून और सुरक्षा ऐप की भी जानकारी
प्रशिक्षण में छात्राओं को केवल शारीरिक बचाव के तरीके ही नहीं सिखाए जाएंगे, बल्कि उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इसके तहत पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही राजकॉप सिटीजन ऐप डाउनलोड करने, उसकी उपयोगिता समझने और नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के व्यावहारिक पहलुओं से भी परिचित कराया जा रहा है।
पुलिस लाइन की महिला कांस्टेबल देंगी प्रशिक्षण
कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला भरतपुर के आदेशानुसार पुलिस लाइन भरतपुर से महिला कांस्टेबल महादेवी और श्रीमती चंचल को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों मास्टर ट्रेनर्स आगामी सात दिनों तक छात्राओं को संकट की स्थिति में अपनी सुरक्षा करने की तकनीकों का अभ्यास कराएंगी।
प्रशिक्षण के दौरान पंच, ब्लॉक और किक जैसी आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि छात्राएं जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करना सीख सकें।
सात कार्य दिवस तक चलेगा कार्यक्रम
आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम सात कार्य दिवस तक संचालित होगा। प्रत्येक सत्र को व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए महाविद्यालय का महिला प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस प्रशासन सहयोग कर रहे हैं। प्रशिक्षण में शामिल छात्राओं के लिए प्रतिदिन अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई है।
महाविद्यालय का स्टाफ रहा मौजूद
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डॉ. नरेश सागर, डॉ. पूनम दीक्षित, डॉ. उपमा सिंह और डॉ. ऋचा गुप्ता उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और विपरीत परिस्थितियों में बिना डरे, आत्मविश्वास तथा सूझबूझ के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
चीन की दादागिरी पर भारत का कड़ा प्रहार: लद्दाख की 28 जगहों के नाम तय, बौखलाए ड्रैगन को दो टूक जवाब
