बैंक के भीतर ही ‘डाका’ | एसबीआई शाखा में व्यापारी के खाते से 30 लाख गायब, कैशियर-संविदाकर्मी गिरफ्तार

दौसा (Dausa) के मंडावरी (Mandawari) में एसबीआई (SBI) शाखा से व्यापारी के खाते से करीब 30 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। कैशियर और संविदाकर्मी गिरफ्तार, असिस्टेंट मैनेजर की भूमिका भी जांच में।

दौसा 

दौसा जिले के मंडावरी क्षेत्र में स्थित एसबीआई बैंक की एक शाखा में ऐसा खेल सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। एक व्यापारी के खाते से करीब 30 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है और शुरुआती जांच में बैंक के ही कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कैशियर और एक संविदाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि असिस्टेंट मैनेजर की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय व्यापार मंडल ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

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खाते से ऐसे गायब हो गए लाखों रुपये

थाना प्रभारी सुधीर उपाध्याय के अनुसार ताजपुर बामनवास निवासी व्यापारी गिर्राज प्रसाद मीना ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मंडावरी कृषि उपज मंडी में उनकी फर्म ‘पुरुषोत्तमलाल पवन कुमार’ के नाम से संचालित है और उसी के खाते से फर्जी तरीके से रकम निकाली गई।

व्यापारी के मुताबिक बैंक ने उनके खाते में 41 लाख रुपये की लिमिट स्वीकृत कर रखी है। आरोप है कि इसी लिमिट को हड़पने के लिए पूरी साजिश रची गई और बिना जानकारी के खाते से रकम निकाल ली गई।

दो फर्जी वाउचर और करोड़ों जैसा खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि

  • 13 नवंबर 2025 को 23 लाख रुपये बैंक के संविदाकर्मी वीरेंद्र कुमार शर्मा के खाते में ट्रांसफर किए गए।
  • इसके बाद 20 नवंबर 2025 को 7 लाख रुपये कैशियर द्वारा अपने रिश्तेदार अंकित कुमार मीना के खाते में डाल दिए गए।

यह पूरा ट्रांजेक्शन दो फर्जी वाउचर तैयार कर किया गया था। व्यापारी को लंबे समय तक इस गड़बड़ी की भनक तक नहीं लगी।

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स्टेटमेंट निकाला तो खुला पूरा राज

करीब चार महीने बाद 16 मार्च को जब व्यापारी ने बैंक से अपना स्टेटमेंट निकलवाया, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित का आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने मामले को दबाने की भी कोशिश की।

असिस्टेंट मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि 23 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन असिस्टेंट मैनेजर अशोक कुमार मीना की ओर से पास की गई, जिसके बाद रकम संविदाकर्मी के खाते में पहुंची।

वहीं कैशियर विनोद कुमार मीना ने 7 लाख रुपये अपने रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

दो गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए

  • नानेटा खेड़ा, बामनवास निवासी संविदाकर्मी वीरेंद्र कुमार शर्मा
  • सिरसाली निवासी बैंककर्मी विनोद कुमार मीना

को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे गबन में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह एक बड़ा बैंकिंग घोटाला है।

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