लंदन
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को लेकर बड़ी खबर आ रही है। लंदन हाईकोर्ट से विजय माल्या को सोमवार 26 जुलाई को बड़ा झटका लगा। लंदन हाईकोर्ट ने उसे दिवालिया घोषित कर दिया। विजय माल्या अपनी दिवालिया किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े 9,000 करोड़ रुपए के बैंक ऋण को जानबूझ कर न चुकाने का आरोपी है।
आज के फैसले से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के संघ को विजय माल्या की अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए ऋण को उसकी भारत की संपत्ति जब्त करके कर्ज की वसूली करने में मदद मिलेगी।
इस फैसले के बाद भारतीय बैंक विजय माल्या की संपत्तियों पर आसानी से कब्जा कर सकेंगी। माल्या के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में भारतीय बैंकों के एक संघ ने ब्रिटिश कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अब विजय माल्या की संपत्ति को जब्त करने रास्ता पूरी तरफ से साफ़ हो गया है।
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में एक कंसोर्टियम ने अप्रेल में लंदन हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भगोड़े व्यवसायी को दिवालिया घोषित किए जाने की पुरजोर कोशिश की थी। इस याचिका में माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए लोन की वसूली के लिए माल्या को दिवालिया घोषित करने की मांग की गई थी।
आज दोपहर 3 बजकर 42 मिनट पर मुख्य दिवाला और कंपनी न्यायालय (आईसीसी) के न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने हाईकोर्ट में वर्चुअली सुनवाई के दौरान कहा- मैं डॉ. विजय माल्या को दिवालिया घोषित करता हूं। मुख्य दिवालिया एवं कंपनी अदालत (आईसीसी) में न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स के समक्ष एक आभासी सुनवाई में दोनों पक्षों ने पिछले साल दायर दिवालिया याचिका में संशोधन के बाद मामले में अपनी अंतिम दलीलें दीं।
विजय माल्या का यह कहना था कि उसके ऊपर जो कर्ज बकाया है वह जनता का पैसा है। ऐसे में बैंक उसे दिवालिया घोषित नहीं कर सकते। इसके साथ ही माल्या ने यह भी दावा किया था कि भारतीय बैंकों की तरफ से दायर दिवालियापन याचिका कानून के दायरे से बाहर है क्योंकि यह भारत में जनता के हित के खिलाफ है।
SBI के अलावा इस समूह में बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक, फेडरल बैंक लिमिटेड, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंसट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। जज ब्रिग्स ने कहा था कि वह अब विवरणों पर विचार करेंगे और आने वाले हफ्तों में उचित समय पर निर्णय देंगे।
माल्या के पास अपील का एक मौका
माल्या के पास लंदन हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए अभी एक मौका बाकी है। माना जा रहा है कि माल्या के वकील जल्द ही इस फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दाखिल करेंगे।
ब्रिटेन भाग गए माल्या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उनकी अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के संचालन से जुड़े कथित 9,000 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी के संबंध में जांच कर रही हैं। ईडी ने पहले कहा था कि शराब कारोबारी भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपना मामला हार गया है और चूंकि उसे यूके के सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की अनुमति से वंचित कर दिया गया था, इसलिए भारत में उसका प्रत्यर्पण अंतिम हो गया है। कर्ज नहीं चुकाने से जुड़े धोखाधड़ी एवं धनशोधन मामले के आरोपों का सामना करने के लिए माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जाना है।
माल्या के शेयरों से बैंकों को मिले 792.12 करोड़
जुलाई में ही विजय माल्या को कर्ज देने वाले बैंकों ने उनके शेयर बेचकर 792.12 करोड़ रुपए हासिल किए थे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्शियम की तरफ से डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल ने माल्या के शेयर बेचे गए थे। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इन शेयरों को जब्त कर लिया था। उसके बैंकों के पैसा रिकवर करने के लिए ऐसा किया था। ईडी ने हाल में डीआरटी को इन शेयरों को बेचने की इजाजत दी थी।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- TMC में ‘महाभारत’ | 60 विधायक लेकर अलग हुए बागी, ममता ने पूरी पार्टी की कमेटियां ही भंग कर दीं
- मस्टरोल के बदले ‘महीना’ मांग रहा था बाबू | 25 हजार जेब में रखते ही ACB ने दबोचा, पंचायत कार्यालय में मचा हड़कंप
- UP: जनगणना ड्यूटी के बीच शिक्षकों की दोहरी परेशानी | MDM राशन संकट और ऑनलाइन कार्यों के दबाव पर BSA को सौंपे गए दो ज्ञापन
- Bharatpur: जमीनी रंजिश ने ली जान | भतीजे ने चाचा का किया कत्ल, चक सहना गांव में सनसनी और तनाव
- होटल की खिड़कियों से छलांगें, नीचे बिछे गद्दे… और फिर चीखों का सन्नाटा | दिल्ली के होटल में भीषण अग्निकांड, 21 की मौत
- अपना हाथ जगन्नाथ …
- रेलकर्मियों के लिए बड़ा बदलाव, अब पास बनवाने के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर | रेलवे बोर्ड ने खत्म की पुरानी व्यवस्था
- 24 नहीं, 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी भी नहीं, रेजिडेंट डॉक्टरों के हक में DMA का बड़ा ऐलान | छुट्टियां रोकने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
- खाली नहीं रहेगी MPUAT की एक इंच जमीन, अगले 10 साल का ‘सीड मिशन’ तैयार, कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह ने दिया बड़ा लक्ष्य | बीज उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भरता पर फोकस
