रावण दहन…

डॉ. शिखा अग्रवाल की संवेदनशील लघुकथा ‘रावण दहन’ बताती है कि रावण का पुतला जलाने से अधिक जरूरी अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करना है।

खुशी का राज़…

क्या आपके पास सब कुछ है लेकिन फिर भी मन शांत नहीं है? पढ़िए डॉ. अलका अग्रवाल की यह दिल को छू लेने वाली प्रेरणादायक कहानी “खुशी का राज़” और जानिए कि असली सुकून और खुशी किस बात में छिपी है।

निर्मोही कौन?

पति की मृत्यु के बाद शोक में डूबी विभा को सांत्वना देने के बजाय एक कटाक्ष उसकी पीड़ा को और गहरा कर देता है। यह मार्मिक लघुकथा बताती है कि दुख की घड़ी में शब्द भी मरहम बन सकते हैं और घाव भी। अंत में कहानी पाठक से एक सवाल पूछती है—आखिर निर्मोही कौन है?