क्यों जरूरी है गंगा संवाद यात्रा?

गंगा जी के सामने आज बंधन (बांध, बैराज ) विभाजन (गंगा जी से निकलने वाली नहरें ) गाद और प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। इस खतरे से समाज और

गांव-गांव अलख जगा रही है गोविंदाचार्य की गंगा संवाद यात्रा | मानव केंद्रित विकास की अवधारणा को बताया विकारग्रस्त

नरौरा गंगा बैराज से शुरू हुई देश के विख्यात विचारक और चिंतक गोविंदाचार्य के सानिध्य में शुरू हुई गंगा संवाद यात्रा नदियों को निर्मल बनाने के लिए गांव-गांव

गांव-गांव अलख जगा रही है गोविंदाचार्य की गंगा संवाद यात्रा | मानव केंद्रित विकास की अवधारणा को बताया विकारग्रस्त

नरौरा गंगा बैराज से शुरू हुई देश के विख्यात विचारक और चिंतक गोविंदाचार्य के सानिध्य में शुरू हुई गंगा संवाद यात्रा नदियों को निर्मल बनाने के लिए गांव-गांव

गंगा संवाद यात्रा में बोले गोविंदाचार्य; नदियां हमारी स्थानीय धरोहर, इन्हें संभालकर रखिए | इस वीडियो में देखिए गंगा संवाद यात्रा की एक झलक

विश्व विख्यात विचारक के. एन गोविन्दाचार्य की अगुवाई में नरौरा गंगा बैराज से शुरू हुई गंगा संवाद यात्रा रविवार को जिला बदायूं के

गंगा को अविरल और निर्मल बनाएं: गोविंदाचार्य

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक और विश्व विख्यात विचारक केएन गोविन्दाचार्य ने अपनी गंगा संवाद यात्रा के दौरान लोगों का

गंगा संवाद यात्रा में बोले गोविंदाचार्य; समाज और गंगा को बचाने में बच्चों की अहम भूमिका

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध विचारक के एन गोविंदाचार्य की गंगा के तट पर चल रही पदयात्रा ‘गंगा संवाद यात्रा’ चौथे दिन गुनौर तहसील के गांव