क्‍या बूढ़ा, क्‍या बच्‍चा; इस गांव का हर शख्स फर्राटे से बोलता है संस्कृत, हर घर से आती है वैदिक मंत्रों की आवाज | लगता ऐसा है जैसे चाणक्य के दौर में पहुंच गए

आज ‘नई हवा’ के इस अंक में हम बताने जा रहे हैं ऐसे गांव के बारे में जहां क्‍या बूढ़ा, क्‍या बच्‍चा; हर कोई फर्राटे से संस्कृत में बोलता है। और यह गांव भी किसी हिन्दी भाषी राज्य में नहीं बल्कि दक्षिण के राज्य में स्थित है। जब आप इस