दर्द को शब्दों का बोझ क्यों देना, जब प्रभु की शरण है रास्ता

डॉ. विनीता राठौड़ की आध्यात्मिक कविता ‘व्यथा अंतस में रहने दो’ पीड़ा, कठिनाइयों और प्रभु की शरण के माध्यम से जीवन को स्वीकार करने का संदेश देती है।