अनुकरणीय पहल
भरतपुर। कोविड-19 महामारी के बीच भरतपुर के श्री उमाशंकर अग्रवाल सेवा ट्रस्ट ने अनुकरणीय पहल की है। उसकी ओर से 7 मई शुक्रवार को कोविड-19 महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए मरीजों को राहत देने के लिए आरबीएम अस्पताल (राजबहादुर मेमोरियलअस्पताल) को 20 व्हीलचेयर प्रदान की गईं। व्हीलचेयर भरतपुर जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, PMO जिज्ञासा साहनी, ADM केके गोयल और नगर निगम के आयुक्त डा.राजेश गोयल की उपस्थिति में प्रदान की गईं। इन व्हीलचेयर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल की ओर से 1 लाख 20 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है।
इस मौके पर जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने अस्पताल को इतनी जल्दी व्हीलचेयर उपलब्ध करने पर ट्रस्ट की तारीफ की। जिला कलक्टर ने ट्रस्ट द्वारा चिकित्सालय स्थल पर लगाए गए RO पानी की व्यवस्था का भी अवलोकन किया और इसकी भी तारीफ की। इस अवसर पर ट्रस्ट के संरक्षक महेश कुमार अग्रवाल एडवोकेट, राकेश मित्तल एडवोकेट, दाऊदयाल सिंघल खादी वाले और रचना अग्रवाल उपस्थित थे।
श्री उमाशंकर अग्रवाल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल ने बताया कि आरबीएम अस्पताल में इस संकट काल में मरीजों की बेहतर चिकित्सा एवं सेवा के लिए संसाधन जुटाए जा रहे हैं। अग्रवाल ने बताया कि आरबीएम में मरीजों को व्हील चेयर के अभाव में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ऊपर तक जाने में काफी परेशानी हो रही थी। ऐसे मरीजों को लिफ्ट तक लाने में भी बड़ी परेशानी होतीथी। इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट को राजबहादुर मेमोरियल चिकित्सालय भरतपुर को 1 लाख 20 हजार रुपए कीमत की 20 व्हील चेयर भेंट की गई हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं है।
ट्रस्ट पहले भी करता रहा है ऐसे सेवाकार्य
श्री उमाशंकर अग्रवाल सेवा ट्रस्ट राजबहादुर मेमोरियल चिकित्सालय भरतपुर में पहले भी जनोपयोगी कार्य करा चुका है। ट्रस्ट अध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल ने बताया कि एक साल पहले ट्रस्ट की ओर से इस अस्पताल को पांच ट्रॉली दी गईं। साल 2004 में भरतपुर के तत्कालीन कलक्टर डा. सुबोध अग्रवाल के आह्वान पर अस्पताल के पुरुष वार्ड को पूरी तरह सुसज्जित किया गया। जिसमें रंगाई-पुताई, 50 बैंच, 100 बैडशीट और भजन हेतु कैसेट प्लेयर उपलब्ध कराए गए।
इस अनुकरणीय पहल के लिए श्री उमाशंकर अग्रवाल सेवा ट्रस्ट को नई हवा परिवार का सैल्यूट!
ये भी पढ़ें
- राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी पर फिर जांच की आंच, अक्टूबर के वेतन बिल में करना होगा यह काम
- जो किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते, उनके लिए खुला है भरतपुर का ‘नेकी दरबार’
- राजस्थान में सनसनीखेज वारदात: खेत में मिले चाचा और दो मासूम भतीजों के शव, एक का शव पेड़ से लटका मिला
- कौन है इस मासूम का परिवार? जयपुर में लावारिस मिली 8 माह की बच्ची की पहचान में जुटी पुलिस
- 20 करोड़ से ज्यादा का बजट, टेंडर भी जारी… फिर दो साल से गड्ढों में क्यों फंसा भरतपुर का गोलपुरा बाईपास?
- सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले बदल लें फैसला तो क्या होगा? राजस्थान हाईकोर्ट ने बताया नियमों का अहम पहलू
- भरतपुर के डीग में दहला देने वाली वारदात: ननिहाल आए 13 साल के जुड़वा भाइयों की गला रेतकर निर्मम हत्या, गांव में सनसनी
- ‘सत्ता परिवर्तन नहीं, अपने पिट्ठू बैठाना मकसद’… मोहन भागवत के बयान में छिपा बड़ा राजनीतिक संदेश
- PNB में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल: ग्रामीण के नाम पर निकाले 10 लाख, बैंक का नोटिस आते ही उड़े होश
- फाइलों के बोझ तले दबा राजस्थान हाईकोर्ट: क्या था वो फरमान, जिसे बदलने के लिए खुद अदालत को लगानी पड़ी अर्जी?
