राजस्थान और हरियाणा के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को उम्र कैद, महिला को 23 गोलियां मारकर कर दिया था छलनी

नारनौल 

राजस्थान और हरियाणा के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को हरियाणा की नारनौल कोर्ट ने बिमला मर्डर केस में उम्रकैद तथा 10 हजार का जुर्माना की सजा सुनाई है। नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने यह  फैसला सुनाया। फैसले के समय गैंगस्टर पपला कोर्ट में मौजूद था। उसे भारी सुरक्षा कवच के बीच कोर्ट में लाया गया था।

अदालत ने एक दिन पहले ही पपला को बिमला मर्डर केस में दोषी करार दिया था। मंगलवार सुबह उसे भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। इस केस के 6 अन्य आरोपी संदेह के लाभ के चलते 3 साल पहले बरी हो चुके हैं। नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही उसे नारनौल की नसीबपुर जेल से गुरुग्राम की भोंडसी जेल में शिफ्ट करने के आदेश भी दिए।

खिलाफ गवाही के कारण कर दिया था महिला का मर्डर
महेन्द्रगढ़ जिले में खैरोली गांव के पपला गुर्जर ने 6 साल पहले 21 अगस्त, 2015 की रात अपने ही गांव की 65 वर्षीय महिला बिमला को उसके घर में घुसकर 23 गोलियों से छलनी कर दिया था। इस केस में पपला और उसके 6 साथियों पर आईपीसी की धारा 148, 149, 302, 120बी व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।  एडवोकेट अजय चौधरी के अनुसार, बिमला की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह अपने पिता श्रीराम और बेटे संदीप के मर्डर में पपला के खिलाफ गवाही देने पर अड़ी हुई थी। श्रीराम और संदीप का मर्डर पपला ने ही किया था।

साथी कोर्ट पेशी के दौरान फायरिंग कर  छुड़ा ले गए थे पपला को
इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन 5 सितंबर 2017 को पपला गुर्जर के साथी महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग करते हुए उसे छुड़वा ले गए। इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी।

राजस्थान पुलिस ने किया था गिरफ्तार
पपला को 28 जनवरी 2021 को राजस्थान की स्पेशल पुलिस फोर्स ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 6 साल पुराने बिमला मर्डर केस में पपला के वकीलों ने नारनौल कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अपील की। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करके 29 सितंबर 2021 को ही पपला को नारनौल कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। 29 सितंबर को पेशी के बाद कोर्ट ने नसीबपुर जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। अब सुरक्षा कारणों के चलते अब भोंडसी जेल में रखा जाएगा।

गैंगस्टर पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा होने के बाद उसके एडवोकेट कुलदीप सिंह ने कहा कि इस केस में 6 आरोपी पहले ही संदेह के लाभ में बरी हो चुके हैं। उनके मुवक्किल को आईपीसी की धारा 302 में सजा सुनाई गई है। इस सजा के खिलाफ वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

पीड़ित पक्ष के वकील ने फांसी की अपील की
पीड़ित पक्ष के एडवोकेट अजय चौधरी ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष सजा की बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व बेअंत सिंह हत्याकांड का हवाला देकर बिमला मर्डर केस को जघन्य अपराध मानते हुए पपला गुर्जर को फांसी की सजा दिए जाने की अपील की थी। लेकिन कोर्ट ने गैंगस्टर पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा दी है।