राजस्थान कृषि महाविद्यालय में संविधान दिवस पर 100 छात्रों ने ली शपथ | ‘मेरा संविधान–मेरा स्वाभिमान’ कार्यक्रम में संविधान की मूल भावना पर चर्चा

उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय में “मेरा संविधान–मेरा स्वाभिमान” के तहत संविधान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में 100 छात्रों ने संविधान उद्देशिका की शपथ ली। डॉ. एस.एस. लाखावत, डॉ. हरि सिंह मीना और राम नारायण कुम्हार ने संविधान की विशेषताओं, नागरिक अधिकार–कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों पर जानकारी दी।

मक्का की उन्नत खेती पर ग्रामीणों की क्लास: बडली गांव में 120 किसानों का एक दिवसीय प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने दी फसल की पूरी ‘रोडमैप गाइड’

एमपीयूएटी-उदयपुर द्वारा कोटड़ा के बडली गांव में मक्का की उन्नत खेती पर एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित, 120 किसानों ने भाग लिया। वैज्ञानिकों ने बीज, रोग, खरपतवार और तकनीक की विस्तृत जानकारी दी।

उदयपुर में आदिवासी किसानों के लिए मुर्गीपालन व मशरूम खेती पर प्रशिक्षण, 50 किसानों को मिले प्रताप धन नस्ल के चूजे

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के अनुसंधान निदेशालय द्वारा ICAR की अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत गाँव गड़ावन (तहसील ऋषभदेव) में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण

उदयपुर में आदिवासी किसानों के लिए मुर्गीपालन व मशरूम खेती पर प्रशिक्षण, 50 किसानों को मिले प्रताप धन नस्ल के चूजे

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के अनुसंधान निदेशालय द्वारा ICAR की अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत गाँव गड़ावन (तहसील ऋषभदेव) में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केंद्रों को रिसर्च के साथ बिज़नेस में भी उतरना होगा: ICAR

देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को अब सिर्फ किसानों तक तकनीक पहुँचाने की भूमिका से आगे बढ़कर वाणिज्यिक मॉडल अपनाने की जरूरत है। यह बात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहायक महानिदेशक

कृषि विज्ञान केंद्रों को रिसर्च के साथ बिज़नेस में भी उतरना होगा: ICAR

देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को अब सिर्फ किसानों तक तकनीक पहुँचाने की भूमिका से आगे बढ़कर वाणिज्यिक मॉडल अपनाने की जरूरत है। यह बात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहायक महानिदेशक

कृषि विज्ञान केन्द्रों को किसान की जमीनी समस्याओं से जोड़ना होगा | एनडीआरआई निदेशक बोले – तभी सिद्ध होगी केवीके की सार्थकता

कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) का देश और किसानों के विकास में योगदान तो अतुलनीय है, लेकिन मौजूदा समय में इन केन्द्रों को खेती-किसानी की वास्तविक चुनौतियों को सूचीबद्ध कर उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी

कृषि विज्ञान केन्द्रों को किसान की जमीनी समस्याओं से जोड़ना होगा | एनडीआरआई निदेशक बोले – तभी सिद्ध होगी केवीके की सार्थकता

कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) का देश और किसानों के विकास में योगदान तो अतुलनीय है, लेकिन मौजूदा समय में इन केन्द्रों को खेती-किसानी की वास्तविक चुनौतियों को सूचीबद्ध कर उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ‘वंदे मातरम् 150’ के तहत आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने का अभियान

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘वंदे मातरम् 150’ और ‘स्वदेशी संकल्प’ कार्यक्रम कुछ इस अंदाज़ में हुआ कि पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर दिखा। कुलगुरू प्रो. (डा.) प्रताप सिंह के

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ‘वंदे मातरम् 150’ के तहत आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने का अभियान

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘वंदे मातरम् 150’ और ‘स्वदेशी संकल्प’ कार्यक्रम कुछ इस अंदाज़ में हुआ कि पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर दिखा। कुलगुरू प्रो. (डा.) प्रताप सिंह के