डॉ. शिखा अग्रवाल की संवेदनशील लघुकथा ‘रावण दहन’ बताती है कि रावण का पुतला जलाने से अधिक जरूरी अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करना है।
डॉ. शिखा अग्रवाल की संवेदनशील लघुकथा ‘रावण दहन’ बताती है कि रावण का पुतला जलाने से अधिक जरूरी अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करना है।