भरतपुर
केंद्र सरकार द्वारा कपड़े, रेडीमेड व फुटवियर पर प्रस्तावित बढ़ी हुई जीएसटी के खिलाफ अब व्यापारियों का विरोध और मुखर हो गया है। रविवार को इस प्रस्तावित बढ़ोतरी के खिलाफ भरतपुर के व्यापारी सड़कों पर निकले और जुलूस निकालते हुए प्रदर्शन किया। जुलूस में व्यापारी नारे लगते हुए चल रहे थे। आज ही इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को ज्ञापन भी भेजे गए।
आंदोलन का आह्वान भरतपुर जिला व्यापार महासंघ ने किया था। आंदोलन के तहत राज्य के कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह , राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और भरतपुर क्षेत्र से सांसद श्रीमती रंजीता कोली को मेल द्वारा ज्ञापन भेजे गए।
ज़िला प्रवक्ता विपुल शर्मा ने बताया कि विरोध की इस कड़ी में आज शाम को एक विशाल जुलूस कुम्हेर गेट सर्कल से निकाला गया, जो कि शहर के मुख्य बाजारों से होकर निकला। जुलूस में व्यापारी ‘कमल का फूल हमारी भूल’ ‘बढ़ी हुई जीएसटी वापस नहीं तो , बीजेपी को वोट नहीं’ इत्यादि नारे लगाते चल रहे थे।
कल चलेगा हस्ताक्षर अभियान
जुलूस के अंत में जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता , जिला महामंत्री नरेंद्र गोयल, संघर्ष समिति संयोजक भगवानदास बंसल , सह संयोजक जयप्रकाश बजाज ने व्यापारियों को संबोधित किया गया।इसी आंदोलन के अंतर्गत 20 दिसंबर को लक्ष्मण मंदिर चौक पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले बदल लें फैसला तो क्या होगा? राजस्थान हाईकोर्ट ने बताया नियमों का अहम पहलू
- भरतपुर के डीग में दहला देने वाली वारदात: ननिहाल आए 13 साल के जुड़वा भाइयों की गला रेतकर निर्मम हत्या, गांव में सनसनी
- ‘सत्ता परिवर्तन नहीं, अपने पिट्ठू बैठाना मकसद’… मोहन भागवत के बयान में छिपा बड़ा राजनीतिक संदेश
- PNB में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल: ग्रामीण के नाम पर निकाले 10 लाख, बैंक का नोटिस आते ही उड़े होश
- फाइलों के बोझ तले दबा राजस्थान हाईकोर्ट: क्या था वो फरमान, जिसे बदलने के लिए खुद अदालत को लगानी पड़ी अर्जी?
- भरतपुर के कुश्ती दंगल में पहले दिन भिड़े नामी पहलवान, जिला केसरी के चार दावेदार सेमीफाइनल में
- राजस्थान पुलिस में बड़ा फेरबदल: नवरात्र पर 52 इंस्पेक्टर बने डीएसपी, पीएचक्यू ने शुरू की नई पोस्टिंग की प्रक्रिया
- रावण दहन…
- पत्रकार आवास योजना पर उठे सवाल, 76.68 लाख के प्लॉट पर 15 लाख की छूट भी नाकाफी, सस्ती आवासीय सुविधा की मांग
- भरतपुर में विकास या दो साल की सजा? सर्कुलर रोड से गलियों तक खुदी सड़कें, जनता पूछ रही—आखिर राहत कब!
