जयपुर
राजस्थान में अब ऑनलाइन उपस्थिति का वेरिफिकेशन करने के बाद ही शिक्षकों को वेतन मिल पाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था स्कूलों और कार्यालयों में कार्यरत सभी कार्मिकों पर लागू होगी। यह नई व्यवस्था 1 सितंबर से लागू की जाएगी।
आपको बता दें कि शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था कर रखी है। इसके बाद भी कई कर्मचारी समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करवा रहे थे। इसे देखते हुए अब शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था बनाई है। यह नई व्यवस्था 1 सितंबर से लागू हो जाएगी।
अधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब ऑनलाइन उपस्थिति का वेरिफिकेशन करने के बाद ही शिक्षकों को वेतन मिल पाएगा। नई व्यवस्था स्कूलों और कार्यालयों में कार्यरत सभी कार्मिकों पर लागू होगी। संबंधित अधिकारी दोपहर 2 बजे के बाद ऑनलाइन उपस्थिति की मॉनिटरिंग करेंगे।
ये अधिकारी प्रत्येक दिन शाम 5 बजे तक दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति मॉड्यूल के जरिए शाला दर्पण पोर्टल पर शत-प्रतिशत उपस्थिति अंकन सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी कार्मिक की निर्धारित अवधि और समय सीमा में ऑनलाइन उपस्थिति किसी कारण से पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई है तो इसमें सुधार का मौका भी दिया जाएगा।
छुट्टी भी ऑनलाइन ही मंजूर होगी
छुट्टी के लिए भी संबंधित कार्मिक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। शाला दर्पण पोर्टल के स्टाफ विंडो से कार्मिक स्वयं के लॉगइन आईडी व पासवर्ड के जरिए अवकाश अवधि और अवकाश के प्रकार का चयन कर आवेदन कर सकेंगे। संबंधित अधिकारी आवेदन पर ऑनलाइन ही अप्रूवल देंगे।
32 सीडीईओ को मिला नोटिस
राज्य में 32 जिलों के 291 स्कूलों के स्टाफ ने 1 जुलाई से 13 जुलाई तक ऑनलाइन हाजरी नहीं लगाई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिले के सीडीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति मॉड्यूल में हाजिरी नहीं लगाने का कारण पूछा था। सूची में सिरोही जिले को छोड़कर बाकी सब जिलों के स्कूल शामिल थे। इसमें बीकानेर के 8 स्कूल, सबसे अधिक 25 स्कूल उदयपुर के और सबसे कम करौली के दो स्कूल शामिल थे।
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