भरतपुर
भगवताचार्या रतिदासी जी ने कहा कि भक्ति से ही मानव जीवन को मुक्ति मिल सकती है। भक्ति से भगवान ही नहीं, व्यक्ति का भी मन प्रसन्न होता है। वे मंगलवार को शहर की खण्डेलवाल धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचन कर रही थीं।
खण्डेलवाल महिला मंडल के बैनर तले हो रही भागवत कथा में उन्होंने कहा, ब्रह्म का पालन करना ही ब्राह्मण का मूल धर्म है। इस मौके पर उन्होंने एकादशी का महत्व बताते हुए कहा कि एकादशी के दिन अन्न ग्रहण करना ठीक नहीं। उन्होंने उपस्थित भक्तों से एकादशी का उपवास रखने और सिर्फ फलाहार करने का आह्वान भी किया।
उन्होंने बहु-बेटियों में भेद नहीं का आग्रह करते हुए कहा कि बहु के पीहर से सिर्फ मांगने की अपेक्षा करना उचित नहीं।
महिला मंडल की मीडिया प्रभारी सोनू खण्डेलवाल ने बताया कि संगीतमय कथा के दौरान भगवताचार्या रतिदासी जी ने भजन सुनाकर भी श्रद्धालुओं को भक्ति का महत्व समझाया।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- महारानी श्री जया कॉलेज में ABVP की नई टीम घोषित, सुहानी सिंह को अध्यक्ष और केशव सिंह को मिली मंत्री की जिम्मेदारी
- हिमाचल में पुलिस महकमे में फेरबदल, मनाली से शिमला तक बदली जिम्मेदारी; 7 अधिकारियों की नई तैनाती
- भरतपुर के क्रिकेटरों के लिए मौका, अंडर-14 जिला टीम का ट्रायल 25 अक्टूबर को, उम्र से लेकर दस्तावेजों तक ये शर्तें जरूरी
- बिजली बिल में सेस, सड़कों पर अंधेरा, भरतपुर में आखिर किसकी जवाबदेही?
- 1 नवंबर को स्थापना दिवस, 22 दिसंबर को दीक्षांत समारोह; MPUAT में तैयारियों को लेकर मंथन
- पंच, ब्लॉक और किक की ट्रेनिंग… भरतपुर की छात्राओं ने सीखे मुश्किल वक्त में खुद को बचाने के तरीके
- छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार, आत्मरक्षा के साथ जागरूकता पर जोर
- राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी पर फिर जांच की आंच, अक्टूबर के वेतन बिल में करना होगा यह काम
- जो किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते, उनके लिए खुला है भरतपुर का ‘नेकी दरबार’
- राजस्थान में सनसनीखेज वारदात: खेत में मिले चाचा और दो मासूम भतीजों के शव, एक का शव पेड़ से लटका मिला
