भारतीय रेलवे की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को मंजूरी मिल गई है। जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली यह ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
Category: पर्यावरण
डीजल नहीं, पानी छोड़कर दौड़ेगी ट्रेन | भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंडी, दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में पहुंचा देश
भारतीय रेलवे की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को मंजूरी मिल गई है। जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली यह ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
‘गौरैया के लिए घर, धरती के लिए जंग’ | भरतपुर में जैव विविधता दिवस पर छात्रों ने उठाई पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी
भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर महारानी श्री जया महाविद्यालय और हरित बृज सोसायटी ने पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया। गौरैया कॉलोनी, सीड बॉल, नुक्कड़ नाटक और हरित योद्धाओं के सम्मान ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
मौसम में बड़ा बदलाव तय | अल-नीनो की दस्तक से भारत के मानसून पर संकट
अल-नीनो के संकेतों से मौसम में बड़ा बदलाव संभव, भारत के मानसून पर असर की आशंका, गर्मी बढ़ने और बारिश पैटर्न बदलने की चेतावनी।
घना में गूंजा ‘सारस अलर्ट’ | बेढ़म बोले—साइबेरियन सारस घटे, चेतावनी गंभीर; 43वीं गणना में नई तस्वीर सामने
भरतपुर के केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में 43वीं सारस गणना के दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भाग लिया और साइबेरियन सारस की घटती संख्या पर चिंता जताई।
घना में गूंजा ‘सारस अलर्ट’ | बेढ़म बोले—साइबेरियन सारस घटे, चेतावनी गंभीर; 43वीं गणना में नई तस्वीर सामने
भरतपुर के केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में 43वीं सारस गणना के दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भाग लिया और साइबेरियन सारस की घटती संख्या पर चिंता जताई।
चेहरे …
यह लघु कहानी बताती है कि कैसे लोग प्रदूषण और ट्रैफिक पर चिंता जताते हैं, लेकिन अपने व्यवहार से उन्हीं समस्याओं को बढ़ावा भी देते हैं। समाज के दोहरे चेहरों पर तीखा व्यंग्य।
सर्दी में सूखी तुलसी को कैसे दें नई ज़िंदगी? | घर की 3 चीजें डालते ही हफ्तों में फिर होगी हरी-भरी, जानें सही देखभाल के देसी नुस्खे
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सर्दियों की दस्तक के साथ भरतपुर चहका | केवलादेव में लौटी ब्राह्मणी बतखों की टोलियाँ, खेतों-तालाबों पर सुनाई देने लगीं पंखों की सरसराहट
सर्द हवाओं के आरंभ के साथ प्रवासी पक्षियों का जत्था एक बार फिर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और आसपास की कृषि भूमि पर उतरने लगा है। इस बार फोटोग्राफरों और पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचने वाली मुख्य प्रजाति है रूडी शेलडक, जिन्हें आम
सर्दियों की दस्तक के साथ भरतपुर चहका | केवलादेव में लौटी ब्राह्मणी बतखों की टोलियाँ, खेतों-तालाबों पर सुनाई देने लगीं पंखों की सरसराहट
सर्द हवाओं के आरंभ के साथ प्रवासी पक्षियों का जत्था एक बार फिर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और आसपास की कृषि भूमि पर उतरने लगा है। इस बार फोटोग्राफरों और पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचने वाली मुख्य प्रजाति है रूडी शेलडक, जिन्हें आम
