जयपुर
इनमें से एक अफसर रिश्वत की रकम को फेंक कर भागा तो ACB की टीम ने उसे पकड़ने को लगाई एक किमी की दौड़, दूसरे अफसर ने वहीं मांगी घूस जहां लगा था रिश्वत नहीं देने का बोर्ड
ऐसा लग रहा है कि राजस्थान में चारों तरफ घूसखोरी का आलम है। 15 मार्च को दो अफसरों को घूस लेते हुए दबोच लिया गया। एक दिन पहले ही ACP कैलाश बोहरा को रिश्वत में अस्मत मांगते हुए दबोचा गया था। तो सोमवार को राजस्थान के झालावाड़ और अलवर जिलों में दो अफसरों को पकड़ा गया। इनमें से एक अफसर रिश्वत की रकम को फेंक कर भागा तो ACB की टीम को उसे पकड़ने के लिए एक किलोमीटर दौड़ लगानी पड़ी और दूसरा अफसर ऐसा निकाला जिसने अपने आफिस में वहीं घूस मांगी जहां राजस्थान सरकार का रिश्वत नहीं देने का बोर्ड लगा था।

झालावाड़ जिले में एसीबी ने भवानी मंडी क्षेत्र की मोगरा पंचायत समिति के ग्राम विकास अधिकार गोविंद को तीस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसने पट्टे बनाने की एवज में रिश्वत मांगी थी। मामले में मोगरा के सरपंच की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ACB को परिवादी से शिकायत मिली थी कि मोगरा पंचायत समिति का ग्राम विकास अधिकारी गोविंद जमीन के पट्टे बनाने के लिए उससे 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। सत्यापन में मामला सही पाए जाने पर सोमवार के दिन कार्रवाई को अंजाम दिया गया। लेकिन कार्रवाई के दौरान भनक लगते ही ग्राम विकास अधिकारी रिश्वत की राशि फेंक कर भाग निकला। एसीबी की टीम ने करीब एक किलोमीटर पीछा कर उसको दबोच लिया। सरपंच रणजीत सिंह को भी पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

अलवर UIT में सचिव के चैंबर के सामने लगा था रिश्वत न लेने की चेतावनी का बोर्ड, उसी के सामने ही JEN ने लिए 20 हजार, पचास हजार पहले ले चुका था
ACB ने घूस का दूसरा मामला अलवर की नगर सुधार न्यास (UIT) में पकड़ा जहां JEN नवीन कुमार दुआ सचिव के चैंबर के सामने ही उस जगह घूस ले रहा था जहां रिश्वत न लेने की चेतावनी का बोर्ड लगा था। ACB की टीम देख JEN ने भागने की कोशिश की। लेकिन, टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने उसकी जेब से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। JEN परिवादी से पहले भी 50 हजार रुपए रिश्वत ले चुका था। ACB के ASP विजय सिंह ने बताया कि परिवादी UIT का ठेकेदार है। इसके अलग-अलग निर्माण के करीब 7 लाख रुपए के बिलों का भुगतान किया था। बिल पास करने के लिए JEN नवीन कुमार दुआ ने 3 प्रतिशत रिश्वत मांगी थी। यह राशि परिवादी ने सोमवार को नवीन को थमाई। इसके तुरंत बाद ACB की टीम पहुंची। नवीन पहले भी दूसरे निर्माण के कार्यों के बिल पास करने के नाम पर करीब 50 हजार रुपए की रिश्वत ले चुका था। इसके बाद अब दूसरे कार्यों के बिल पास करने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। ACB के अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की शुरूआत के समय की ठेकेदार की फाइल है। अब तक पास नहीं हो सकी है। तीन प्रतिशत कमीशन नहीं चुकाने के कारण फाइल को आगे नहीं बढ़ाया।

UIT में बिल पास करने फिक्स है 3 प्रतिशत की रेट
ASP ने बताया कि परिवादी से मिली जानकारी के मुताबिक, UIT में बिल पास होते समय कई स्टेप पर तीन-तीन प्रतिशत रिश्वत ली जाती है। इससे पहले कई कार्यों के बिलों को पास कराने के लिए मोटी रिश्वत दी है। लेकिन, इतनी बड़ी रिश्वत देना मुश्किल हो गया तो उसने ACB को शिकायत कर दी।
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